राष्ट्रीय-सुरक्षा मामले में एनडीटीवी अपने ऊपर लगे बैन प्रकरण के विशिष्ट पहलुओं पर बहस से कतरा रहा है. वरिष्ठ पत्रकार एवं बुद्धिजीवी Sumant Bhattacharya के एनडीटीवी से दस सवाल -
(1) क्या एनडीटीवी “केबल टीवी नेटवर्क 1994” की ही संवैधानिकता पर प्रश्न खड़े कर रहा है ?
(2) यदि हाँ, तो उसकी नज़र में संविधान के किस अनुच्छेद का उल्लंघन है ये क़ानून ?
(3) या, क्या इस “केबल टीवी नेटवर्क 1994” के अनुच्छेद 6 (1) की ही संवैधानिकता पर प्रश्न है, यदि हाँ तो संविधान की किस धारा के तहत ?
(4) या इस क़ानून की सरकार द्वारा की गयी व्याख्या पर प्रश्न खड़े कर रहा है एनडीटीवी, अगर हाँ तो कैसे ?
(5) या फिर इस क़ानून को बनाने के सरकार के अधिकार की ही संवैधानिकता पर प्रश्न खड़े कर रहा है, अगर हाँ तो संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ?
(6) अथवा क्या वो ये मान रहा है कि एनडीटीवी पर इस क़ानून की प्रयोज्यता (applicability) असंवैधानिक है, अगर हाँ तो संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार ?
(7) क्या उसका ये मानना है कि पठानकोट-प्रसारण इस क़ानून के दायरे में ही नहीं आता, अगर हाँ तो कैसे ?
(8) या एनडीटीवी की शिकायत सिर्फ ये है कि ये प्रतिबन्ध तो ठीक है लेकिन चयनात्मक रूप से ‘सिर्फ’ एनडीटीवी पर लगाया जा रहा है और अन्य चैनलों पर नहीं ?
(9) अगर एनडीटीवी इस प्रतिबन्ध को असंवैधानिक मानता है तो वो न्यायालय क्यों नहीं जाता ?
(10) या कोई अन्य विशिष्ट पहलू जिस पर आपत्ति हो ?
एनडीटीवी केवल अपने ऊपर गलत रिपोर्टिंग के कारण लगे प्रतिबंध का रोना रो रहा है लेकिन सच यह है कि इसने देशद्रोही काम किया है और अब जनता से सच्चाई छुपाकर अपने कुकृत्यों पर पर्दा डाल रहा है।
NDTV और उनके उपासकों की दलील बड़ी मजेदार है..
फलाने ने गुनाह किया !
डिमकाने ने गुनाह किया !
मेँने भी उसी स्टाइल में बलात्कार किया !
फलाने और डिमकाने को नहीं पकड़ा ...
मुझे पकड़ लिया !
जब सबको छोड़ा तो मुझे भी छोड़ो !
डिमकाने ने गुनाह किया !
मेँने भी उसी स्टाइल में बलात्कार किया !
फलाने और डिमकाने को नहीं पकड़ा ...
मुझे पकड़ लिया !
जब सबको छोड़ा तो मुझे भी छोड़ो !
जरा यह दलील जाकर कोर्ट में दो ..
बाबा का "क्रीमनल जस्टिस सिस्टम"
कायदे से समझा देगा जज !
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की एक कीमत होती है। निजी लाभ और लोभ से मुक्ति !
पहले खुद को मुक्त करें..फिर आवाज ऊँची करें !
पहले खुद को मुक्त करें..फिर आवाज ऊँची करें !

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
It's all about friendly conversation here at Small Review :) I'd love to hear your thoughts!
Be sure to check back again and check & Notify Me & just after the comment form because I do make every effort to reply to your comments here.
Spam WILL be deleted.